मुसलमान रमजान क्यों मनाते है – रमज़ान पर्व और रोज़ो के बारे में आप क्या जानते हैं – रमजान का हिंदी अर्थ

रमजान का हिंदी अर्थ : रमज़ान (Ramadan या Ramazan) इस्लामी कलैण्डर का 9वाँ महीना है। पूरी दुनिया के मुसलमान इसे रोज़े के महीने के रूप में मनाते हैं । इस…

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इस्लाम में ‘786’ का क्या अर्थ होता है ? क्या 786 जादुई नंबर है और 786 कैसे बना?

ईसाई धर्म का प्रतीक क्रॉस या सलीब है। ॐ (ओम) या स्वास्तिक हिन्दू धर्म का प्रनिधित्व करता है। जो लोग धर्म को उनके प्रतीकों द्वारा पहिचानने के आदी हैं वह लोग अक्सर…

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हज़रत ज़ैद इब्न हारीसा (रज़ि0) – हज़रत मुहम्मद (सल्ल0) के दत्तक पुत्र (Adopted Son)

Zaid ibn Harissa: Adopted son of Prophet Muhammad (SAW) हज़रत मुहम्मद (सल्ल0) के दत्तक पुत्र (Adopted son) हज़रत ज़ैद (रज़ि0) की कहानी अनेक कारणों से रुचिकर है। ख़दीजा (रज़ि0) के…

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अल्लाह के 25 पैग़म्बरो के नाम जिनका जिक्र कुरान-ए-पाक में आता है

25 Prophets mentioned in the Holy Quran पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल0) की एक हदीस के अनुसार अल्लाह द्वारा भेजे हुए पैगम्बरों की कुल संख्या लगभग 1,24,000 है। एक मुसलमान की हैसियत…

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Ya Mujeebu (या मुजीबु) – अल्लाह तआला के नाम की फ़ज़ीलत

AL-MUJEEB (अल मुजीब) दुआएं सुनने और कुबूल करने वाला अल्लाह तआला मख़लूक़ (बन्दों ) की दुवाओं को सुनता है और कुबूल फरमाता है इसलिए उसे 'मुजीबु' कहा जाता है, क्योंकि…

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Ya Majidu (या माजिदु) – अल्लाह तआला के नाम की फ़ज़ीलत

AL-MAAJID (अल माजिद) बुज़ुर्गी और बड़ाई वाला माजिद का मतलब बहुत ही इज़्ज़त व बुज़ुर्गी वाला है । सबसे ज्यादा बुजुर्गी और इज्जत वाला अल्लाह तअला ही है और तमाम…

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Ya Wasiu (या वासिउ) – अल्लाह तआला के नाम की फ़ज़ीलत

AL-WAASI’ (अल वासिऊ) कुशादगी देने वाला वासिउ का मतलब होता है बरकत और कुशादगी वाला है, चूंकि अल्लाह की बरकत की कोई इन्तिहा नहीं, इस लिए उसे वासिउ कहा जाता…

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Ya Barru (या बर्रु) – अल्लाह तआला के नाम की फ़ज़ीलत

AL-BARR (अल-बर) बड़ा अच्चा सुलूक करने वाला अल्लाह तअला खुद सरासर नेकी वाला है उसकी ज़ात, खूबी और इस़्तियारात से हिकमत और नेकी झलकती है । इस लिए उसे बर्र…

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Ya Raqeebu (या रक़ीबु) – अल्लाह तआला के नाम की फ़ज़ीलत

AR-RAQEEB (अर रक़ीब) निगेहबान हिफाज़त के लिए (देखभाल) और निगरानी करने वाले को रकीब कहा जाता है। अल्लाह तआला रकीब है, क्योंकि वह अपने बन्दों की हर चीज़ का निगहबान…

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