Zakat (ज़कात) kise kehte hain – इस्लाम में गरीबों का अधिकार

ज़कात एक इबादत है। इबादत एक अरबी शब्द है जिसका अर्थ अल्लाह की उपासना और उसका आज्ञापालन है। मुसलमान अल्लाह को खुश करने और उसका पुरस्कार पाने के लिए ज़कात…

0 Comments

Sadqa-e-Fitr (सदका-ए-फित्र) किसे कहते हैं और कितना Fitra देना चाहिए ?

सदका-ए-फ़ित्र का बयान फित्र का मतलब रोज़ा खोलने या रोज़ा न रखने से हैं। खुदा तआला ने अपने बन्दों पर एक सदका मुकर्रर फ़रमाया है जिसे  रमज़ान शरीफ के ख़त्म होने पर रोज़ा खुल…

0 Comments

हज (Hajj): मुसलमानों की वार्षिक तीर्थयात्रा और इस्लाम का पाँचवा स्तम्भ

Hajj क्या होता है और मुसलमान हज क्यों करते हैं? हज (Hajj or Haj) मानवता का सबसे बड़ा वार्षिक सम्मेलन है, जिसमें पूरी दुनिया के कोने-कोने से लगभग तीस लाख लोग…

0 Comments

नमाज़ किसे कहते है और मुसलमान नमाज़ क्यों पढ़ते है

नमाज़ या सलात किसे कहते हैं? नमाज़ ख़ुदा तआला की इबादत और बन्दगी करने का एक ख़ास ढंग है जो ख़ुदा तआला ने क़ुरआन में और हज़रत मुहम्मद (सल्ल0) ने हदीस में मुसलमानों को…

0 Comments

शहादत या ईमान की घोषणा – इस्लाम का पहला मूल स्तम्भ

शहादत या ईमान की घोषणा करने का अर्थ इस्लामी समुदाय की सदस्यता ग्रहण करना हैः अरबी में यह घोषणा इन शब्दों में की जाती हैः 'ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदु र्रसूलुल्लाह'  इसका…

0 Comments

इस्लाम धर्म के पाँच मूल स्तंभ – Five Pillars of Islam

कुरआन का सन्देश और पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल0) की हदीसे दोनों इस्लामी जीवन व्यवस्था की व्यापकता, इसकी व्यक्तिगत और सामूहिक पहलूओं का वर्णन करते हैं। ईमान के लिए पाँच स्तम्भ या मौलिक…

0 Comments

मस्जिद किसे कहते हैं?

वह जगह जो ख़ास नमाज पढ़ने के लिए बनायी जाती है और उसमें जमाअत से नमाज़ होती है उसे मस्जिद कहते हैंं। पूरी दुनिया में नमाज़ प्रतिदिन पाँच बार हर…

0 Comments

मुसलमान रमजान क्यों मनाते है – रमज़ान पर्व और रोज़ो के बारे में आप क्या जानते हैं – रमजान का हिंदी अर्थ

रमजान का हिंदी अर्थ : रमज़ान (Ramadan या Ramazan) इस्लामी कलैण्डर का 9वाँ महीना है। पूरी दुनिया के मुसलमान इसे रोज़े के महीने के रूप में मनाते हैं । इस…

0 Comments

इस्लाम में ‘786’ का क्या अर्थ होता है ? क्या 786 जादुई नंबर है और 786 कैसे बना?

ईसाई धर्म का प्रतीक क्रॉस या सलीब है। ॐ (ओम) या स्वास्तिक हिन्दू धर्म का प्रनिधित्व करता है। जो लोग धर्म को उनके प्रतीकों द्वारा पहिचानने के आदी हैं वह लोग अक्सर…

0 Comments

हज़रत ज़ैद इब्न हारीसा (रज़ि0) – हज़रत मुहम्मद (सल्ल0) के दत्तक पुत्र (Adopted Son)

Zaid ibn Harissa: Adopted son of Prophet Muhammad (SAW) हज़रत मुहम्मद (सल्ल0) के दत्तक पुत्र (Adopted son) हज़रत ज़ैद (रज़ि0) की कहानी अनेक कारणों से रुचिकर है। ख़दीजा (रज़ि0) के…

0 Comments