गैब

« Back to Glossary Index

परोक्ष, अदृष्ट, छिपा हुआ, जिसके जानने का हमारे पास अपना कोई साधन न हो। ग़ैब शब्द रहस्य के लिए भी प्रयुक्त हुआ है। ग़ैब वास्तव में उन चीज़ों को कहा गया है जिन तक हमारी ज्ञानेंद्रियों और हमारी अनुभव-शक्ति की पहुंच नहीं। जैसे:- अल्लाह का अस्तित्व, फ़रिश्ते, जन्नत, जहन्नम, आखिरत आदि।

ग़ैब या परोक्ष के विषय में सम्यक ज्ञान के बिना मानव जीवन की व्याख्या नहीं की जा सकती। परोक्ष के प्रति सच्चा ज्ञान हमारी एक बड़ी आवश्यकता है। परोक्ष के विषय में सही जानकारी नबियों द्वारा लाए हुए ईश-संदेश से ही प्राप्त होती है।