सूरह मायदा (5)

सूरह मायदा“Al-Ma'idah” कहाँ नाज़िल हुई:मदीनाआयतें:120 versesपारा:6-7 नाम रखने का कारण इस सूरह का नाम सूरह की आयत 112 के शब्द माइदा (खाने से भरा दस्तरखान) से उद्धृत है। अवतरणकाल सूरह…

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सूरह आले इमरान (3)

सूरह आले इमरान“Al-Imran” कहाँ नाज़िल हुई:मदीनाआयतें:200 versesपारा:3-4 नाम रखने का कारण इस सूरा में एक जगह आले इमरान का उल्लेख किया गया है। उसी को चिन्ह के रूप में इस…

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सूरह निसा (4)

सूरह निसा“An-Nisa” कहाँ नाज़िल हुई:मदीनाआयतें:176 versesपारा:4-6 नाम रखने का कारण इस सूरा का नाम निसा (औरतें) इसलिए रखा गया है कि इस सूरा में कई जगह यह शब्द प्रयुक्त हुआ…

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सूरह बकराह (02)

सूरह बकराह“Al-Baqarah” कहाँ नाज़िल हुई:मदीनाआयतें:286पारा:1-3 नाम रखने का कारण इस सूरह का नाम बकरा इसलिए है कि इसमें एक जगह बकरा (गाय) का उल्लेख है। कुरआन मजीद की प्रत्येक सूरत…

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सूरह फातिहा हिंदी में – सूरह फातिहा का तर्जुमा

सूरह फातिहा“Al-Fatihah” कहाँ नाज़िल हुई:मक्काआयतें:7पारा:1 इसका सूरह का नाम अल-फातिहा इसके विषय के अनुकूल हैं, इसमें 7 आयतें हैं। फातिहा उस चीज़ को कहते हैं जिससे किसी विषय या पुस्तक…

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हिंदी में हज़रत मुहम्मद (सल्ल0) का जीवन इतिहास

दुनिया तरक्की की मंज़िलें तय करती हुई ज्ञान और सभ्यता के दौर में दाखिल हो चुकी थी, परन्तु लोग एकेश्वरवाद की शिक्षा को भूले हुए थे। उन्होंने एक ईश्वर के…

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सूरह और आयत किसे कहते है? कुरान मे कितनी सूरह है और कितनी आयतें है?

पवित्र कुरआन सम्पूर्ण जगत के स्वामी की आरे से सम्पूर्ण मानव जाति को प्रदान किया गया एक महान उपहार है। यह ईशवाणी है। सूरह किसे कहते है- पवित्र कुरान, पूरे…

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इस्लाम और नस्लवाद – गोरे काले से श्रेष्ठ नहीं

पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल0) ने यह भी घोषणा की “यदि किसी हब्शी काले को भी मुसलमानों पर शासक बना दिया जाए तो उसका आज्ञा पालन किया जाना चाहिए” । पैगम्बर मुहम्मद…

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इस्लाम की शिक्षाओं और मुसलमानों के अपने अमल के बीच अंतर

अगर इस्लाम दुनिया का सबसे अच्छा धर्म है तो आख़िर बहुत से मुसलमान बेईमान क्यों हैं और धोखाधड़ी और रिश्वत और घूसखोरी में क्यों लिप्त हैं? गलत लोग हर समुदाय…

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हिंदी में नमाज़ का तरीका (Namaz in Hindi Step-by-Step)

अल्लाह के नजदीक नमाज़ का बहुत बड़ा मर्तबा है। कोई इबादत अल्लाह के नजदीक नमाज़ से ज्यादा प्यारी नहीं है। अल्लाह ने अपने बंदों पर पांच वक्त की नमाज फर्ज…

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